Tuesday, April 24, 2012

गोरे गालों पर काला तिल खूब दमकता


हिंदी काव्य संचय- जनकवि कोदूराम “दलित”
काला
काला  अच्छा  है   , काले  में  है  अच्छाई
दुनियाँवालों ! काले की मत करो बुराई.

सुनो  ध्यान  से  काले की  गुणभरी कहानी
बड़ी    चटपटी , बड़ी  अटपटी , बड़ी  सुहानी
प्रथम पूज्य है जो गणेश जग में जन-जन का
वह   है   काला   मैल   ,   मातु   के   तन   का
गोरस   काली   गैया   का   अच्छा   होता है
पूजन   काली   मैया     का   अच्छा  होता है
चार   किसम  के  बादल   आसमान में छाते
लेकिन   काले  बादल  ही  जल बरसा जाते
काली  कोयल  की  मधुर  वाणी  मन हरती
अधिक   अन्न   पैदा  करती है काली धरती
काले   उड़दों   से   ही  तो  हम   बड़े   बनाते
स्वर्ग - लोक से जिन्हें पितरगण खाने आते
काली   लैला   की   महिमा  मजनू  से  पूछो
काली   रातों  की  गरिमा   जुगनू   से  पूछो
सकल   करम   केवल काली रातों में होता
राम - राम  रटता   काले  पिंजरे  में  तोता
बनता   हीरे   जैसा  रतन, कोयला   काला
काला   लोहा    है मनुष्य  का  मित्र निराला
काली स्लेट ,पेनसिल  काली, तख्ता काला
पाता  है   इंसान   इसी   से   ज्ञान  -  उजाला
पाल रही परिवार  अनगीनित  काली स्याही
कम  है ,  इसकी जितनी भी  की जाय बड़ाई
कर  काला-बाजार  कमा लो  कस कर पैसा
बैलों    से     बेहतर   होता   है   काला   भैंसा
काला   कोट   कचहरी  में   शुभ माना जाता
‘कानून-बाज’ इसी   पर  से  पहचाना जाता
काले    की खूबियाँ   विशेष  जानना  चाहो
तो  चाणक्य-चरित्र  एक  बार  पढ़  जाओ
काले   कंचन   बाल  और  आँखें  कजरारी
पाती   है   इनको ,   किस्मत वाली ही नारी
बुढ़िया-बुढ़ऊ भी तो नित्य खिजाब लगाते
काले  बाल बताओ   किसको   नहीं सुहाते
गोरे  गालों  पर काला  तिल खूब दमकता
काले  धब्बे  वाला  चम-चम  चाँद चमकता
काला  ही   था  रचने  वाला  पावन   गीता
बिन  खटपट  के  काले  ने गोरे  को जीता
करो  प्रणाम  सदा  काली कमली वाले को
बुरा न कहना  कभी भूल कर भी काले को.

-जनकवि कोदूराम “दलित”

6 comments:

  1. wowwww great tareef ke liye shabd nahi hain mere paas ek ek shabd satyata se bhare hue kaale rang ki kitni mahanta aaj kal kaale kapde bhi to kitne trend me hain.
    kaala shaa kaala kaale hain dilvaale goriye nu dafaa karo...yaad aa gaya ye geet.

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  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति
    बुधवारीय चर्चा-मंच
    पर है |

    charchamanch.blogspot.com

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  3. बहुत बढ़िया प्रस्तुति ...

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  4. श्याम पिंड (ब्लेक बॉडी ) के कहने क्या है .सारा आपतित विकिरण सोखे ,रोके ,बिना टोके ,कोई विकिरण वापस न जाए ,इसीलिए वह श्याम पिंड कहाए .

    सितारे ब्लेक बॉडी ही हैं .ब्लेक बॉडी माने एक उच्चतर लेकिन नियत तापमान वाला पिंड .श्याम की महिमा अपरम्पार .श्याम कहो ,घनश्याम कहो .

    जो बड़ेन को लघु कहे ,नहीं रहीम घट जाए ,

    गिरधर मुरलीधर कहे ,कछु दुःख मानत नाहिं .

    कृपया यहाँ भी पधारें -
    रविवार, 22 अप्रैल 2012
    कोणार्क सम्पूर्ण चिकित्सा तंत्र -- भाग तीन
    कोणार्क सम्पूर्ण चिकित्सा तंत्र -- भाग तीन
    डॉ. दाराल और शेखर जी के बीच का संवाद बड़ा ही रोचक बन पड़ा है, अतः मुझे यही उचित लगा कि इस संवाद श्रंखला को भाग --तीन के रूप में " ज्यों की त्यों धरी दीन्हीं चदरिया " वाले अंदाज़ में प्रस्तुत कर दू जिससे अन्य गुणी जन भी लाभान्वित हो सकेंगे |
    वीरेंद्र शर्मा

    ~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~(वीरुभाई

    )

    http://www.blogger.com/blogger.g?blogID=3256129195197204259#allposts


    कितनी थी हरजाई पूनो -
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/

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  5. यकीन मानिए हमने देखा ,काले होतें हैं बल शाली ,बला के कर्मठ ,.कुशल खिलाड़ी .

    कृपया यहाँ भी पधारें रक्त तांत्रिक गांधिक आकर्षण है यह ,मामूली नशा नहीं
    शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012

    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/2012/04/blog-post_2612.html
    मार -कुटौवल से होती है बच्चों के खानदानी अणुओं में भी टूट फूट
    Posted 26th April by veerubhai
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/2012/04/blog-post_27.html

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